समस्तीपुर लोस चुनाव : रामचंद्र पासवान के हार का कारण बन सकते हैं लोजपा नेता रमेश चौधरी व जदयू MLA अमरनाथ गामी!

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न्यूज ऑफ मिथिला डिजिटल डेस्क । समस्तीपुर संसदीय क्षेत्र में छह विधानसभा सीटें हैं. कुशेश्वर स्थान, वारिसनगर, हायाघाट, समस्तीपुर, कल्याणपुर और रोसड़ा. आरक्षण की बात करें तो कुशेश्वर स्थान, कल्याणपुर और रोसड़ा एससी आरक्षित सीटें हैं.
यहां से 1980 में जनता पार्टी (एस), 1984 में कांग्रेस, 1989-1991-1996 में जनता दल जीत दर्ज करती रहीं जबकि 1998 में आरजेडी, 1999 में जेडीयू, 2004 में आरजेडी, 2009 में जेडीयू इस सीट से जीती. जेडीयू के महेश्वर हजारी 2009 में इस सीट से सांसद बने. उसके बाद यह सीट एलजेपी के नाम हो गई और रामचंद्र पासवान सांसद चुने गए.
एलजेपी सांसद रामचंद्र पासवान संसद की कुल बहसों में मात्र 2 बार शामिल हुए हैं. अपने पांच साल के कार्यकाल में उन्होंने एक भी प्राइवेट मेंबर बिल पास नहीं किया. बहस के दौरान उन्होंने मात्र 3 सवाल पूछे. संसद में उनकी कितनी हाजिरी रही, इसका ब्योरा उपलब्ध नहीं है.

एनडीए के जदयू विधायक श्री अमरनाथ गामी इन दिनों काफ़ी नाराज चल रहे हैं और लगातार सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी नाराजगी व्यक्त भी कर रहे हैं।
श्री गामी ने अपने फेसबुक वाल पर पोस्ट करते हुए लिखा है कि समस्तीपुर के एनडीए प्रत्याशी रामविलास पासवान के अनुज रामचंद्र पासवान को जदयू विधायक की ज़रूरत नहीं है यानी की बिना जदयू पार्टी व समस्तीपुर लोकसभा के अंतर्गत हायाघाट विधानसभा क्षेत्र के विधायक अमरनाथ गामी के सहयोग के बग़ैर वो चुनाव जीत सकते हैं. आगे गामी ने लिखा है कि वो गठबंधन धर्म का पालन करेँगे और रामचंद्र पासवान की जीत का कामना भी करते हैं. इशारे इशारे में श्री गामी ने लोजपा के आरके चौधरी पर निशाना साधते हुए उन्हें जेबधार वाले नेता बताया साथ ही उन्होंने कहा कि अगर श्री पासवान क्षेत्र में विधायक गामी के साथ नज़र आते हैं तो श्री पासवान के जेबधार नेता बेरोजगार हो जाएंगे.

श्री गामी के इस नाराज़गी का असर कहिं न कहीं इस चुनाव में रामचंद्र पासवान के लिए भारी खतरा बन सकता है.

आपको बता दें कि श्री पासवान विगत पूर्व चुनाव जीतने के बाद क्षेत्र में बहुत कम दिखें जिससे लोगों में काफ़ी निराशा है. लोगों के इस निराश भाव में लोजपा नेता आरके चौधरी मरहम लगाने का काम करते हुए नज़र आ रहे हैं. लोगोँ के अनुसार श्री चौधरी क्षेत्र में रामचंद्र पासवान के लिए कम व अपने व्यक्तिगत राजनीतिक फ़ायदे व आगामी विधानसभा चुनाव 2020 की तैयारी के लिए लग गए हैं. कार्यकर्ताओं व जनता के बीच जब भी रामचंद्र पासवान के लिए असंतोष का भावना दिखाया जाता है कि वो पाँच वर्ष में एक भी काम नही किये व एक भी दिन क्षेत्र में दिखाई नही देते हैं तो आरके चौधरी बताते हैं कि उसे छोड़िए आप मुझपर ध्यान दीजिए और मुझसे जुड़िए. इससे साफ़ जाहिर होता है कि वो रामचंद्र के लिए साइड इफ़ेक्ट की भूमिका में काम करते हुए नज़र आ रहे हैं और पब्लिक में एक संदेश जाती है कि वो रामचंद्र पासवान को चुनाव में परास्त कर अलग कर देना चाहते हैं.
स्थानीय लोगोँ के मुताबिक आरके चौधरी द्वारा क्षेत्र में खुद के लिए प्रचार प्रसार करना व अमरनाथ गामी द्वारा सोशल साइट्स पर असंतोषजनक पोस्ट/टिप्पणी लगातार करना कहिं न कहिं भितरघात व अंतर्कलह रामचंद्र पासवान के राह का बड़ा रोड़ा साबित हो सकता है.

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