रोज़ाना नींद की गोली लेने से हो सकते हैं ये साइड इफेक्‍ट

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नई दिल्ली डेस्क । दिन भर की थकान के बावजूद भी बिस्‍तर पर नींद ना आए तो नींद की गोलियों का सहारा लेना ही पड़ता है। पर यही नींद की गोलियां हमें धीरे-धीरे मौत की ओर ढंकेल रही हैं, जिसका हमें खुद ही अंदाजा नहीं है। पिछले पांच साल के दौरान बाजारों में नींद की गोलियों की बिक्री दोगुना बढ़ी है।
अगर आप भी मीठी और सुकून भरी नींद के लिये स्‍लीपिंग पिल्‍स लेने के आदी हो चुके हैं, तो ज़रा संभल जाएं। ये गोलियां लंबे समय तक और हाई डोज़ में लेने पर जानलेवा साबित हो सकती हैं।
नींद की गोलियों का सेवन सिगरेट की तरह ही खतरनाक हैं। इन गोलियों से ब्‍लड प्रेशर, हार्ट अटैक, सिदर्द, कैंसर और यहां तक की मौत का भी खतरा होने की संभावना हो सकती है। आइये जानते हैं नीदं की गोलियों के और कौन-कौन से साइड इफेक्‍ट्स हो सकते हैं।
लंबे समय तक नींद की गोलियां लेने के कारण रक्त नलिकाओं में थक्के बन जाते हैं, याददाश्त कमजोर हो जाती है और बेचैनी की शिकायत आम हो जाती है। नींद की गोलियों का सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

अगर नींद की गोलियां गर्भावस्था में ली जाए, तो गर्भस्थ शिशु पर इसका बुरा प्रभाव पड़ता है और वह गंभीर विकृतियों का शिकार हो सकता है।

यदि आप रोज एक गोली लेने के बजाए उससे अधिक गोलियों का सेवन करते हैं तो आपके लिये खतरे की घंटी बज सकती है। वे लोग जो दमा के शिकार हैं उन्‍हें इसका खास ख्‍याल रखना होगा।
डॉक्‍टरों के मुताबिक नींद की अधिक गोलियों का सेवन करने से हार्ट अटैक का खतरा 50 गुना अधिक बढ़ जाता है। वैज्ञानिकों ने नींद की दवाओं में मौजूद तत्व – जोपिडेम को दिल की बीमारियों की वजह बताया है।

नींद की गोलियां स्नायु तंत्र को शिथिल कर देती हैं, इसीलिए अगर लंबे समय तक इनका सेवन किया जाए, तो स्नायु तंत्र संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसके अलावा इनमें जो तत्व होते हैं, उनके खराब साइड इफेक्ट्स होते हैं।

एक शोध के मुताबिक यह बात भी सामने आई है कि जो लोग रोजाना इसी गोली पर निर्भर रहते हैं, उन्‍हें कैंसर का भी खतरा होता है। इन गोलियों में ऐसे तत्‍व पाए जाते हैं जिनका रोजाना सेवन नहीं करना चाहिये, नहीं तो ओवरडोज़ हो जाता है।

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