मिथिला लोक उत्सव में मैथिली ने मैथिलों की उम्मीदों पर फेरा पानी,भोजपुरी गानों से की शुरुआत

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दरभंगा। दो दिवसीय मिथिला लोक उत्सव के अंतिम दिन रविवार को स्थानीय और बॉलीबुड कलाकारों ने ऐसी समां बांधी की पूरा इलाका तालियों से गूंज उठा। मिथिला की शान राइ¨जग स्टार मैथिली ठाकुर सहित बॉलीबुल के सुपरस्टार गायक विनोद राठौर के अलावा चांदनी मुखर्जी की प्रस्तुति पर श्रोता मंत्रमुग्ध होकर झूमने लगे।

पूरा नेहरू स्टेडियम परिसर दर्शकों से पटा हुआ था। मिथिला लोकगीत से लेकर लता और रफी तक के गानों की धुन श्रोताओं के कानों में मिसरी घोलती रही। हजारों दर्शकों की भीड़ अपने सुपरस्टार गायकों की प्रतीक्षा में स्टेज पर नजरें गड़ाए बैठी हुई थी। कोई कुर्सी से खड़े होकर तो कोई बांस के बल्लों पर लटक कर कलाकारों के दीदार को लालायित था। जिन्हें अंदर बैठने की जगह नहीं मिली वे पंडाल के बाहर से ही बड़ी स्क्रीन पर कलाकारों को देख और सुन रहे थे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस कर्मियों को रह-रहकर काफी मशक्कत करनी पड़ रही थी। बच्चे तो बच्चे युवा और बुजुर्ग भी मिथिला लोक गीत का आनंद उठा रहे थे। इस बीच पीछे से दर्शकों की भीड़ को चीरते जैसे ही विनोद राठौर मंच की ओर बढ़े दर्शकों को सहसा यकीन नहीं हो रहा था कि बॉलीवुड के इतने बड़े गायक उनके बगल से गुजर रहे हैं। दर्शकों ने तालियों से उनका स्वागत किया। अपने पुराने अंदाज में उन्होंने नायक नहीं खलनायक हूं मैं.. से कार्यक्रम का आगाज किया। जैसे ही विनोद मंच पर पहुंचे उन्होंने पंडाल में बैठे छोटे-छोटे बच्चों को मंच पर बुलाकर उनके साथ ठुमके लगाए। मुन्ना भाई एमबीबीएस के गानों पर बच्चों ने उनके साथ बहुत मस्ती की। छोटा सर्किट से लेकर बड़े सर्किट तक मंच पर चढ़ गए। इसके बाद राठौर ने छुपाना भी नहीं आता, हमें तुमसे मोहब्बत है.. गाकर लोगों का दिल जीत लिया।


राईजिंग स्टार मैथिली ठाकुर की आगमन मंच पर जैसे हुआ तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा इलाका गूंजने लगा। लोगों को ये उम्मीद थी कि मैथिली ठाकुड़ किसी मैथिली की धमाकेदार गीतों से शुरुआत करेगी लेकिन जैसे ही मैथिली ने अपनी प्रस्तुति भोजपुरी गीत बलमुआ कैसे तेजब हो से छोटी ननदी से शुरुआत की मैथिलों के मंसूबों पर पानी फ़ेर गया। हालाँकि लोगों ने मैथिली के इस गलती को दरकिनार करते हुए उनके गानों का लुत्फ उठाया लेकिन कार्यक्रम के दौरान लोगों में इस बात की चर्चा का विषय बनी रही। इसके बाद इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत नटराज डांस एकेडमी के नृत्य से हुई। वहीं, विक्रम बिहारी ने मिथिला हमर शान छी से कार्यक्रम में गीत का आगाज किया। फिर पूनम मिश्रा ने मैथिली पारंपरिक गीत गाकर समा बांध दी, खुशबू मिश्रा, रचना झा, केशव कुमार धीरज, आशुतोष चौधरी ने अपनी प्रस्तुति दी इसके अलावा चंदन मिश्रा, राजश्री, नटराज डांस एकेडमी, मोनिका राय आदि कलाकारों ने ऐसा समा बांधा कि देर रात तक दर्शक हिले नहीं। मंच संचालन पंडित कमलाकांत झा ने किया। इसके बाद मुंबई से आई चांदनी मुखर्जी ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुति से लोगों का दिल जीत लिया। तुझसे नाराज नहीं ¨जदगी, हैरान हूं में.. पिया तू अब तो आ जा.. झुमका गिरा रे, बरेली के बाजार में और सात समंदर पार में तेरे पीछे-पीछे आ गई.. ने दर्शकों की खूब तालियां बटोरी। पंडाल में बैठे जिलाधिकारी डॉ. चंद्रशेखर सिंह और नगर विधायक संजय सरावगी सहित तमाम प्रशासनिक अमला पूरे कार्यक्रम का आनंद उठाते नजर आया।

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