चर्चित साहित्यकार “श्याम दरिहरे” नहि रहलाह, मैथिली साहित्यक अपूरणीय क्षति।

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न्यूज़ ऑफ मिथिला डेस्क. मैथिली साहित्य के एकटा प्रमुख स्तंभ आ साहित्य अकादमी पुरस्कार सँ सम्मानित साहित्यकार श्याम दरिहरे 67 बरखक अवस्था में बीतल राति महायात्रा पर निकलि गेलाह. श्री दरिहरे एखन वृंदावन में छलाह आ निधनक कारण ब्रेन हेमरेज अर्थात् मस्तिष्क आघात बताओल जा रहल अछि.

जनतब दी जे मधुबनी जिलाक बेनीपट्टी प्रखंड क्षेत्राधीन बरहा गामक श्री श्याम दरिहरेक मूल नाओ श्याम चंद्र झा छल, जे झारखंड सरकारमे डिविजनल कमांडेंट पदसँ सेवानिवृत्त भ’ अनवरत साहित्य सेवामे सक्रिय छलाह. श्री दरिहरेकेँ बरख 2013मे कथा संग्रह सरिसो में भूत लेल किरण पुरस्कार, त’ ओतहि चर्चित कथा संग्रह बड़की काकी @ हाॅटमेल डाॅट काॅम लेल बरख 2015मे तिरहुत साहित्य सम्मान आ 2016 में साहित्य अकादमी पुरस्कार भेटल छल, एकर अतिरिक्त श्याम दरिहरेक मैथिली उपन्यास घूरि आउ मान्या, जगत सब सपना आ हमर जन्म किए भेलै हो रामा, कविता संग्रह क्षमा करब हे विद्यापति सहित छह गोट पोथी प्रकाशित छन्हि त’ ओतहि एकटा उपन्यास “ना जायते म्रियते वा “प्रकाशाधीन अछि, एकर अतिरिक्त दरिहरे जीक हिन्दी में सेहो पोथी सभ प्रकाशित छन्हि.

मैथिली साहित्यक एहि सशक्त हस्ताक्षरक निधनसँ साहित्य जगतमे शोकक लहरि पसरि गेल अछि. न्यूज़ ऑफ मिथिला.com परिवार सेहो मैथिलीक एहि विशिष्ट श्रष्टाक प्रति भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करैत अछि.

समाचार/फ़ोटो साभार : समदिया.com/सोशल मीडिया

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