116वें जयंती पर याद किये गए जानकी नन्दन सिंह, मिथिला राज्य के लिए कर चुके हैं अथक प्रयास।

न्यूज़ डेस्क।
दरभंगा, 14 जनवरी।

मैथिली लोक संस्कृति मंच लहेरियासराय के तत्वावधान में मिथिला केशरी बाबू जानकी नन्दन सिंह (1904-1968) की 116वीं जयंती चंद्रेश की अध्यक्षता में हुई। पाठशाला मे मैथिली के लिए मिथिला केशरी बाबू जानकी नन्दन सिंह ने अथक प्रयास किया था। मंच के महासचिव प्रो श्रीउदय शंकर मिश्र ने कहा कि बाबू जानकी नन्दन सिंह ने मिथिला राज्य निर्माण के लिए 1954 में कल्याणी कांग्रेस में विरोध व्यक्त किया, और अपना मांग पत्र सौंपे थें। आसनसोल में उनकी गिरफ्तारी भी हुई थी। 1950 में मैथिली को स्कूली शिक्षा में मान्यता दरभंगा जिला परिषद अध्यक्ष के रूप प्रदान की थी। बिहार सरकार द्वारा सन 1954 में मैथिली भाषा की स्कूली मान्यता के लिए पत्र निर्गत किया गया था। जो आज तक पूर्ण रूप से लागू नही हो सका है। जानकी बाबू के सपनों को साकार करने के लिए 28 जनवरी 2020 को पाठशाला मे मैथिली भाषा की मान्यता के लिए एकदिवसीय धरना प्रदर्शन दरभंगा प्रमंडल पर किया जाएगा।
इस संगोष्ठी में डा पी के चौधरी ने कहा कि बाबू जानकी नन्दन सिंह ने आजादी के लिए संघर्ष किया जो इतिहास में वर्णित है। इस अवसर पर प्रो सुनिल कुमार प्रो सुधीर कुमार झा रमेश चौधरी अंजनी कुमार समेत अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए।

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