15 साल के सुशासन में बदला क्या है ? न्यूज़ ऑफ मिथिला

न्यूज़ ऑफ मिथिला डेस्क ।

नीतीश कुमार 2005 में मुख्यमंत्री बने थे।

2004- बिहार में भयंकर बेरोजगारी थी, रोजगार के अभाव में लोग दिल्ली-मुम्बई पलायन कर रहे थे।
2020- बिहार में भयंकर बेरोजगारी है, रोजगार के अभाव में लोग दिल्ली-मुम्बई पलायन कर रहे हैं।

2004- बिहार में चीनी मील-पेपर मील-सूत मील-जुट मील-खाद मील समेत तमाम पुराने उद्योग-मील बंद पड़े थे। किसी प्रकार की कोई नई इंडस्ट्री बिहार आने को तैयार नहीं थी।
2020- बिहार में चीनी मील-पेपर मील-सूत मील-जुट मील-खाद मील समेत तमाम पुराने उद्योग-मील बंद पड़े हैं। किसी प्रकार की कोई नई इंडस्ट्री बिहार आने को तैयार नहीं है।

2004- बिहार में शिक्षा का हाल बुरा था। स्कूलों में शिक्षक नहीं थे, कॉलेजों में क्लासेज नहीं चलती थी, विश्वविद्यालयों में 75% पद खाली पड़े थे और सेशन कभी समय पर कम्प्लीट नहीं होता था।
2020- बिहार में शिक्षा का हाल बुरा है। स्कूलों में शिक्षक नहीं है, कॉलेजों में क्लासेज नहीं चलती है, विश्वविद्यालयों में 75% पद खाली पड़े है और सेशन कभी समय पर कम्प्लीट नहीं होता है।

2004- बिहार में स्वास्थ्य का हाल बुरा था। अस्पतालों में कुव्यवस्था फैली हुई थी, छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी लोगों को दिल्ली-मुम्बई जाना पड़ता था।
2020- बिहार में स्वास्थ्य का हाल बुरा है। अस्पतालों में कुव्यवस्था फैली हुई है, छोटी-मोटी बीमारियों के लिए भी लोगों को दिल्ली-मुम्बई जाना पड़ता है।

2004- अपराध में बिहार अव्वल था। हत्या-चोरी-बलात्कार-अपहरण आदि रोजाने की घटनाएं थी। कानून व्यवस्था बनाने में पुलिस नाकाम और असमर्थ थी।
2020- अपराध में बिहार अव्वल है। हत्या-चोरी-बलात्कार-अपहरण आदि रोजाने की घटनाएं है। कानून व्यवस्था बनाने में पुलिस नाकाम और असमर्थ है।

2004- बिहार में पलायन मजबूरी थी। बेरोजगारी-कुपोषण-गरीबी-अशिक्षा आजादी के कारण बिहार एक बीमार राज्य माना जाता था। जीडीपी के हिसाब से बिहार भारत का सबसे गरीब राज्य था। दूसरे राज्यों में बिहारी शब्द एक गाली जैसे प्रयुक्त होता था, पलायन करके गए लोगों को वहाँ गाली-मार-अपमान सहना पड़ता था।
2020- बिहार में पलायन मजबूरी है। बेरोजगारी-कुपोषण-गरीबी-अशिक्षा आजादी के कारण बिहार एक बीमार राज्य माना जाता है। जीडीपी के हिसाब से बिहार भारत का सबसे गरीब राज्य है। दूसरे राज्यों में बिहारी शब्द एक गाली जैसे प्रयुक्त होता है, पलायन करके गए लोगों को वहाँ गाली-मार-अपमान सहना पड़ता है।

2004- हर साल बिहार में बाढ़ आती थी, सैकड़ों लोग मरते-दहते थे। राज्य सरकार इन आपदाओं को झेलने या उसके स्थायी समाधान खोजने में असमर्थ थी।
2020- हर साल बिहार में बाढ़ आती है, सैकड़ों लोग मरते-दहते है। राज्य सरकार इन आपदाओं को झेलने या उसके स्थायी समाधान खोजने में असमर्थ है।

2004- बिहार में खेती की हालत खराब थी। सिंचाई-खाद-उन्नत बीज-जानकारी आदि के अभाव में कृषि किसानों के लिए एक बोझ बनकर रह गई थी।
2020- बिहार में खेती की हालत खराब है। सिंचाई-खाद-उन्नत बीज-जानकारी आदि के अभाव में कृषि किसानों के लिए एक बोझ बनकर रह गई है।

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15 साल के सुशासन में बदला क्या है ?

साभार : आदित्य मोहन ( लेखक के निजी विचार हैं.)

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