दिल्ली: Jdu महासचिव पद से सरोजमोहन का इस्तीफा,मंत्री संजय झा के कार्यप्रणाली से चल रहे थे नाराज़!

नई दिल्ली ,विशेष संवाददाता । जदयू दिल्ली प्रदेश के महासचिव सरोज मोहन झा ने जदयू पार्टी से इस्तीफा दे दिया। दिल्ली जदयू की अंदरूनी गुटबाजी से नाराज सरोज मोहन ने कहा- ‘मेरी राजनीतिक और सामाजिक समझ बड़े लक्ष्य को हासिल करने के लिए हैं, लेकिन दिल्ली जदयू की अंदरूनी राजनीति के कारण मैं ऐसा कर नहीं पा रहा हूं। 2019 के लोकसभा चुनाव से ठीक पहले सरोज मोहन झा जदयू पार्टी में शामिल हुए थे। श्री झा ने अपने सोशल साइट्स फेसबुक पर एक खत लिखा है “- आदरणीय अध्यक्ष जी दिल्ली प्रदेश जेडीयू

मैं जेडीयू के तमाम पद, कार्यकर्ता, सक्रिय सदस्य से अपने आपको अलग करता हूँ मैं बहुत ही दुखी हूँ की दिल्ली जैसे शहर में जैसे हमने पार्टी के लिए संगठन के लिए दिन रात मेहनत किया संगठन बनी लेकिन कार्य करने नही दिया गया लोगो के बीच में बिखराव की स्थिति हो गई! आज कई साथी पार्टी छोड़ने के लिए तैयार है और कई साथी जो महत्वपूर्ण पद पे थे वो पार्टी को छोड़ के चले गये मैं संगठन में कार्य करने वाला व्यक्ति हूँ पिछले कुछ समय में जो मेरे साथ हूआ उससे मैं बहुत आहत हूँ। मुझे पदभार से मुक्त कर दिया जय जिसके लिए मैं आपलोगो का सदा आभारी रहूँगा।

प्रभु पार्टी को नई-नई उँचाई प्रदान करें सब भाईयो का भविष्य उज्जवल हो।

बताते चले कि जदयू ने दिल्ली के सभी 70 सीटों पर विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की थी। दिल्ली में मैथिली बहुल इलाकों में मैथिली भाषी लोगों में सरोज मोहन झा की काफ़ी अच्छी पकड़ है। अगर जदयू दिल्ली के विधानसभा चुनाव में उतरती है तो उन्हें भाड़ी नुकसान पहुंच सकता है। वहीं दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष दयानंद राय व्यवसायी लोग हैं। ज़्यादा समय अपने व्यवसाय में लगाते हैं, जिस वजह से लोगों के बीच इनकी पकड़ कम है और न ही इनका राजनैतिक कद ज्यादा है। ऐसे में श्री झा का पार्टी छोड़ना जदयू के लिए बड़ा झटका साबित होगा। श्री झा मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले से आते हैं और मधुबनी के झंझारपुर लोकसभा क्षेत्र में इनका पैतृक गांव है।

बताया जा रहा है कि जदयू के कद्दावर नेता व वर्तमान में बिहार के जल संसाधन मंत्री संजय झा के करीबी रहे सरोज मोहन आजकल मंत्री श्री झा के कार्यों से भी नाराज़ चल रहे हैं। जदयू के एक नेता ने नाम नही छापने के शर्त पर यह भी बताया कि जबसे बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संजय झा को मंत्री बनाया है उसके बाद से जदयू के जमीनी कार्यकर्ताओं से मंत्री श्री झा ने दूरी बना ली. दिल्ली में जदयू का संगठन ऐसे भी बहुत कमजोर है और इस परिस्थिति में यहां के कार्यकर्ताओं को मंत्री श्री झा द्वारा नजरअंदाज करना कहिं न कहिं सरोजमोहन झा द्वारा विधानसभा चुनाव सेपूर्व ही पार्टी छोड़ना यह भी एक वज़ह हो सकती है!

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