बड़ी रेल लाइन का सपना पूरा, सुविधाएं नदारद। न्यूज़ ऑफ मिथिला

न्यूज़ ऑफ मिथिला/मधुबनी : झंझारपुर अनुमंडल सहित आसपास के इलाके के लोगों के बहुप्रतिक्षित सपना के साकार हो चुका है। तीन दिसंबर का यह दिन सदैव यहां के लाखों आबादी के लिए ऐतिहासिक बन गया है। बड़ी रेल लाइन का सपना तो साकार हो गया मगर बड़ी रेल लाइन की टे्रन पर सफर करने से पहले झंझारपुर स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को अभी हर स्तर पर कठिनाईयों व परेशानियों का भी सामना करना पड़ेगा।

सुबह और शाम हर दिन चलाई जा रही एक पैसेन्जर ट्रेन से सफर करना हो या अरक्षित टिकट कटवाना हो जब से बड़ी रेल लाइन का परिचालन शुरू किया गया है उस दिन से लोगों का आना जाना लग गया है। मगर स्टेशन तक पहुंचने के लिए कनेक्टिव सड़क का बनना बांकी है। तो स्टेशन पर शौचालय व पेयजल की सुविधा अभी बहाल नहीं हुआ है। पानी और शौचालय के लिए यात्रियों को बाहर का रास्ता देखना पड़ रहा है। पानी और शौचालय की यह समस्या केवल यात्रियों को ही नहीं हो रही है बल्कि स्टेशन पर तैनात किए गए अधिकारी व कर्मियों के समक्ष भी एक बड़ी परेशानी का सबब बना हुआ है। इन तमाम सुविधाओं का निदान कब तक होगा यह अभी स्टेशन प्रबंधन को भी नहीं मालूम है। स्टेशन के कार्यवाहक अधीक्षक शैलेन्द्र कुमार कहते है कि इन सुविधाओ को पुरी तरह बहाल करने में समय लगेगा। कनेक्टिव सड़क यातायात की सुविधा तब तक होना संभव नहीं है जब तक पानी निकासी के लिए कोई व्यवस्था नहीं होती है।

बड़ी रेल लाइन के परिचालन शुरू होने के बाद रेलवे को हर दिन राजस्व में वृद्घि हो रही है। झंझारपुर स्टेशन पर अनारक्षित व आरक्षित टिकट से इन तीन दिनों में करीब 60 हजार रुपये की आमदनी हुई है। तीन दिसम्बर यानि उद्घाटन के दिन अनारक्षित टिकट से 1710 और आरक्षित टिकट से 1280 रुपये की राजस्व रेलवे को प्राप्त हुई। वहीं अगले दिन चार दिसम्बर को आरक्षित टिकट से 31690 व अनारक्षित टिकट से 275 रुपए का राजस्व मिली। पांच दिसम्बर को आरक्षित टिकट से 32887 तो अनारक्षित टिकट 365 रुपये की बिक्री हुई है।

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