तीन दिवसीय मिथिला विभूति पर्व समारोह आज से,तैयारी पूरी..। न्यूज़ ऑफ मिथिला

दरभंगा , संवाददाता । विद्यापति सेवा संस्थान की ओर से आयोजित तीन दिवसीय 47वें मिथिला विभूति पर्व समारोह की विधिवत शुरुआत 10 नवंबर को होगी। विद्यापति चौक स्थित महाकवि विद्यापति की प्रतिमा पर माल्यार्पण से कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ होगा। इसके बाद मिथिला के पारंपरिक परिधान सुसज्जि्त होकर शोभायात्रा निकाली जाएगी। यह जीएम रोड होते हुए ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय परिसर, कामेश्वर सिंह दरभंगा विश्वविद्यालय परिसर, केंद्रीय पुस्तकालय होकर श्यामा मंदिर पहुंचेगी। मीडिया संयोजक प्रवीण कुमार झा ने बताया कि इस क्रम में इस मार्ग में पड़ने वाले मिथिला विभूतियों क्रमश: पंडित सुरेंद्र झा सुमन, कॉमरेड भोगेंद्र झा, महाराज महेश ठाकुर, महाराज रमेश्वर सिंह, ललित नारायण मिश्र, डॉ. भीमराव आंबेडकर, महाराज कामेश्वर सिंह, बाबा नागार्जुन आदि की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया जाएगा। शोभायात्रा संयोजक प्रो. विजय कांत झा व विनोद कुमार झा ने बताया कि शोभायात्रा में पिछले साल की तरह इस बार भी मिथिलाक्षर साक्षरता अभियानी शामिल होंगे। जबकि रविवार को शहर के विभिन्न मोहल्लों व सीमावर्ती गांवों से पारंपरिक गाजे-बाजे व सांस्कृतिक धरोहर पर आधारित झांकियों के साथ पारंपरिक परिधान में निकलने वाली बार शोभायात्रा आकर्षण का केंद्र होगी।

डॉ. बैद्यनाथ चौधरी बैजू ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम का उद्घाटन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी सहित नेपाल के पूर्व राष्ट्रपति परमानंद झा को आमंत्रित किया गया है। जबकि, कार्यक्रम में बिहार सरकार के मंत्री संजय झा, विनोद नारायण झा, मदन साहनी, पूर्व केंद्रीय मंत्री पद्मश्री डॉ.सीपी ठाकुर, डॉ.मदन मोहन झा, दरभंगा के सांसद गोपालजी ठाकुर, मधुबनी के डॉ.अशोक कुमार यादव, झंझारपुर के रामप्रीत मंडल, प्रभात झा, बिहार विधान सभा के सदस्य संजय सरावगी, जीवेश मिश्रा, भोला यादव, अमरनाथ गामी, विधान पार्षद डॉ. दिलीप कुमार चौधरी, पूर्व विधान पार्षद डॉ. विनोद कुमार चौधरी, महापौर बैजयंती देवी खेड़िया आदि ने अपनी सहमति प्रदान की है। इसके अलावे ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय व कामेश्वर सिंह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, प्रति कुलपति व कुलसचिव सहित जिला प्रशासन के आला अधिकारियों की उपस्थिति रहेगी। ओडिशा की नृत्यांगना प्रियांशी जय जय भैरवी.. पर देंगी प्रस्तुति : समारोह के पहले दिन विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान के आधार पर मिथिला विभूति सम्मान, डॉ. गणपति मिश्र चिकित्सा सेवी सम्मान व इंद्रकांत झा सम्मान के लिए चयनित व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। सांस्कृतिक कार्यकम के संयोजक पंडित कमलाकांत झा ने बताया कि पहले व तीसरे दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। पहले दिन ओडिशा की नृत्यांगना प्रियांशी मिश्रा की महाकवि विद्यापति रचित गोसाउनि गीत जय जय भैरवी.. पर भावपूर्ण नृत्य की प्रस्तुति देंगीं। वहीं वर्षा रानी, प्रतिभा कुमारी, राम कृष्ण झा, पूजा कुमारी, संगम, रामबिहारी, दिप्ती कश्यप आदि की प्रस्तुति भी आकर्षण का केंद्र होंगी। मैथिली नाटक से इंसानियत का पाठ पढ़ाएंगे कलाकार : रिवेल थियेटर के कलाकारों द्वारा हास्य-व्यंग्य पर आधारित इंसानियत का पाठ पढ़ाने वाला मैथिली नाटक माया रामक माया का मंचन किया जाएगा। स्वागत महासचिव जीवकांत मिश्र ने बताया कि इस बार सेमिनार, कवि सम्मेलन व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ पहली बार मिथिला पेंटिग प्रतियोगिता का भी आयोजन होगा। समारोह स्थल पर मैथिली पुस्तकों व अन्य संसाधनों के स्टॉल मैथिली पाठकों को विशेष रूप से लुभाएंगे।

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