सुविधा एक्सप्रेस की असुविधा और यात्री की दुविधा। न्यूज़ ऑफ मिथिला

न्यूज़ ऑफ मिथिला डेस्क,दिल्ली । 3 नवंबर की रात 11:00 बजे मुम्बई से बनारस के लिए 82101 सुविधा एक्सप्रेस चलती है। 4 नवंबर की रात 10 बजे इलाहाबाद पहुँचती है। इलाहाबाद और बनारस की दूरी 150 किमी है जिसे तय करने में 9 घंटे लगते हैं। स्लीपर क्लास के यात्री ने 2277 रुपया किराया दिया है। मुम्बई से इलाहाबाद पहुँचने में 23 घंटे लगाती है और इलाहाबाद से वाराणसी के 9 घंटे। कुल 32 घंटे लगे लोकमान्य तिलक से वाराणसी पहुँचने में। तय समय के हिसाब से 26 घंटे 30 मिनट। साढ़े पाँच घंटे लेट।

भारत के यात्री सहनशील हैं। किराया भी ज़्यादा देते हैं और लेट भी पहुँचते हैं। ट्रेन लेट होने के अनुभव कहीं दर्ज भी नहीं करते क्योंकि ट्रेन पहले भी लेट होती थी।आगे भी होगी। यानि अगर दुख पुराना है तो वह सुख में बदल जाता है। लेट चला कर रेलवे की छवि बिगाड़ो फिर निजीकरण के लिए एक ट्रेन चलाओ। झाँसा दो कि लेट होने पर मुआवज़ा मिलेगा। भारत के यात्री सहनशील हैं। वे स्टेशन से बाहर निकल कर उसकी रंगाई पुताई देख ख़ुश हो जाते हैं कि काम हुआ है। हमारे यात्रियों का स्टैंडर्ड रेलवे के स्टैंडर्ड से अच्छा है। वे असुविधा के लिए सुविधा से ज़्यादा किराया देते हैं। विवरण एक यात्री के प्रेषित मेसेज के आधार पर टंकित है।

– रवीश कुमार के फेसबुक वॉल से

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