ओझौल में वर्चस्व की लड़ाई में ताबरतोड़ चली गोलीबारी, एक गंभीर। न्यूज़ ऑफ मिथिला

दरभंगा ,संवाददाता : जिले के बहादुरपुर थाना क्षेत्र के ओझौल गांव में वर्चस्व को लेकर चली गोली में एक पक्ष से एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे डीएमसीएच से पीएमसीएच के लिए रेफर कर दिया गया है। घटना में मनोज ठाकुर के पुत्र शैलेश ठाकुर उर्फ बिट्टू के बाएं हाथ में गोली लगी है। बताया जाता है कि बट्टू के हाथ में राइफल की गोली लगी है। इधर, घटना में हुई रोड़ेबाजी में घायल हुए दूसरे पक्ष के अनिल सिंह के पुत्र कुंदन सिंह को पुलिस ने इलाज कराने के बाद गिरफ्तार कर लिया है। सदर एसडीपीओ अनोज कुमार ने बताया कि छापेमारी की जा रही है। बहुत जल्द सभी आरोपितों को दबोच लिया जाएगा। घटना स्थल से पुलिस ने राइफल का दस खोखा बरामद किया है। तलाशी के दौरान नगर निगम कर्मी अनिल सिंह के घर से दो तलवार भी मिली। साथ ही शराब और बीयर की सौ से ऊपर खाली बोतलें विभिन्न डब्बा से बरामद की गई। जिसे पुलिस ने नष्ट कर दिया। घटना में दर्जनों राउंड फायरिग किए जाने की बात कहीं गई है। गुरुवार को अनिल के घर छापेमारी करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। बहादुरपुर थाना की पुलिस के अलावा सदर अंचल इंस्पेक्टर सुबोध चौधरी, लहेरियासराय थानाध्यक्ष एचएन सिंह, नगर थानाध्यक्ष सत्यप्रकाश झा, विशनपुर थानाध्यक्ष मुकेश मंडल, महिला थाना की सीमा कुमारी के अलावा विभिन्न थाने की पुलिस, दंगा नियंत्रण दस्ता, सीआइएटी दस्ता, महिला बल दो घंटे तक घर के बाहर डटे रहे। लेकिन, अंदर से दरवाजा नहीं खोला गया। बाद में सदर एसडीपीओ अनोज कुमार पहुंचे। काफी मान-मनोव्वल के के बाद घर की महिलाओं ने दरवाजा खोला। इसके बाद पुलिस ने पूरे घर की सघन तालाशी ली। लेकिन, घर के अंदर अनिल के दिव्यांग भाई के अलावा कोई पुरूष नहीं था। घर में लगे सीसीटीवी के डीभीआर को जब पुलिस ने खोजने की कोशिश की तो पता चला कि उसे निकाल कर हटा दिया गया है। घटना के संबंध में बताया जाता है कि मनोज ठाकुर के घर चार दिन पहले उसकी मां का बरसी का भोज था। जिसमें अनिल सिंह सहित उसके पांच पट्टीदारों को छोड़कर पूरे गांव के लोगों को भोज खिलाया गया था। दोनों का घर आमने-सामने स्थित होने के कारण भोज में निमंत्रण नहीं मिलने और भोज से बहिष्कृत कर दिए जाने की बात को लेकर अंदर ही अंदर तानातनी चल रही थी। बुधवार की रात सड़क किनारे कुछ युवक खड़ा होकर गाली दे रहे था। इसमें एक पक्ष के लोगों ने गाली देने वाले को टोक दिया, कहा कि यहां कोई है नहीं तो किसे गाली दे रहो हो। औकाद है नाम लेकर गाली दो। इसे लेकर दोनों पक्षों में भिड़ंत हो गई। हालांकि, दोनों पक्ष ने एक-दूसरे पर गाली देने का आरोप लगाया और गाली देने वाले को टोकने की बात कही है। देखते ही देखते रोड़बाजी हुई और पेट्रोल बम चलने लगा। इसी बीच अनिल सिंह की ओर फायरिग शुरू हुई, जिसमें मनोज ठाकुर के पुत्र शैलेश ने अपने पिता को बचाते हुए उन्हें अपनी ओर खींचने की कोशिश की। इसी दौरान उसे गोली गई। इसके बाद काफी संख्या में लोग जुट गए और सभी बदमाशों को खदेड़ दिया।

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