सोशल एक्टिविस्ट उज्ज्वल के पहल पर बेनीपट्टी में नही होकर अब उच्चैठ भगवती स्थान में आयोजित होगा उच्चैठ महोत्सव।

मधुबनी , संवाददाता ।

उच्चैठ महोत्सव उच्चैठ में होने से पर्यटनीय विकास के साथ-साथ धरोहर की संरक्षण भी होगी। शक्तिपीठ उच्चैठ भगवती स्थान का विकास होना अतिआवश्यक है। इसके लिए राजनेताओं के साथ -साथ अधिकारियों को भी खुले दिल से सतत प्रयास करना होगा।
उक्त बातें एपेक्स फाउंडेशन दरभंगा के सचिव और सोशल एक्टिविस्ट उज्जवल कुमार ने उच्चैठ में होने वाले राजकीय महोत्सव को लेकर कहीं। श्री कुमार ने कहा कि समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली उच्चैठ महोत्सव को बेनीपट्टी के श्री लीलाधर उच्च विद्यालय के परिसर में संपन्न कराने की तैयारी की जा रही है जो उच्चैठ के विकास के लिए सही नहीं होता। उन्होंने कहा उच्चैठ महोत्सव भी अन्य राजकीय महोत्सव की तरह मंदिर परिसर के समीप ही होना चाहिए जिसको लेकर संस्था के सचिव व सोशल एक्टिविस्ट उज्ज्वल कुमार के द्वारा सीएम व पर्यटन विभाग को ई-मेल के माध्यम से महोत्सव को उच्चैठ में ही आयोजित करने को लेकर ध्यान आकृष्ट किया गया था। जिसको लेकर पर्यटन विभाग के प्रधान सचिव ने तत्परता दिखाते हुए मधुबनी के जिलाधिकारी को पत्र लिख कर यथोचित कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इस कार्य में सामाजिक कार्यकर्ता विनोद शंकर द्वारा स्थानीय लोगों को जागरुक कर बैठक की गई जिसमें उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में उच्चैठ मंदिर परिसर में महोत्सव कराने की प्रतिबद्धता जतायी। जिसमें मुझे और इस अभियान को बल मिला अंत में सामाजिक सरोकार से जुड़े एपेक्स फाउंडेशन दरभंगा के सचिव उज्ज्वल कुमार ने जिलाधिकारी मधुबनी से अपील की।


महोत्सव के केंद्र में महाकवि कालिदास हो एवं महोत्सव के दौरान विद्वानों को आमंत्रित कर कालिदास के जीवन चरित्र पर स्तरीय परिचर्चा सेमिनार एवं कवि संगोष्ठी हो ताकि आने वाले संतति को जानकारी का लाभ मिल सके एवं महोत्सव को सार्थकता सिद्ध हो। उच्चैठ मंदिर परिसर में महोत्सव आयोजन के निर्णय के आलोक में निदेशक पर्यटन विभाग के पहल पर हर्ष व्यक्त करते हुए उज्जवल कुमार ने त्वरित संज्ञान लेने हेतु मुख्यमंत्री ,पर्यटन मंत्री, मुख्य सचिव एवं जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया।

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