2020 के चुनाव में हो सकती है नयी बदलाव, देखिये पप्पू यादव और मांझी का ख़ास मुलाक़ात के पीछे का रहस्य

न्यूज़ डेस्क।
पटना।

बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सभी पार्टियां अभी से हीं तैयारी में जुट गयी है, लेकिन इस बार भी बिहार की राजनीति में कुछ नया देखने को मिल सकता है। एक तरह जहाँ जदयू की पार्टी अकेले चुनाव लड़ने के मूड में दिख रही है वहीं दूसरी ओर राजद की नैया भी डगमगा रही है। लेकिन इन सबों के बिच एक नया चीज ये भी देखने को मिल रहा है की जन अधिकार पार्टी के संरक्षक पप्पू यादव बिहार की सियासत में नयी इबारत लिखने और नया मोर्चा गठित करने की कवायद में जुट गये हैं। आरजेडी से दूरी बना रहे नेताओं को एकजुट कर नया मोर्चा बनाने की कवायद में पप्पू यादव जुट गये हैं। मालूम हो कि लोकसभा चुनाव में बीजेपी के खिलाफ बने महागठबंधन में पप्पू यादव और कन्हैया कुमार को शामिल नहीं किया गया था। इसका कारण आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव की जिद बतायी जा रही है। लोकसभा चुनाव में हार के बाद जीतन राम मांझी ने आरजेडी के नेतृत्व वाले महागठबंधन से दूरी बना ली है। इसी कड़ी में सोमवार की देर रात पप्पू यादव हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के मुखिया व पूर्व मुख्यमंत्री जीतनराम मांझी से मुलाकात की। मांझी से उनकी यह पहली मुलाकात नहीं है। इस महीने वह मांझी से दूसरी बार मिले। करीब दो हफ्ते पहले भी उन्होंने जीतनराम मांझी और सीपीआइ के कन्हैया कुमार से मिल चुके हैं। मांझी और कन्हैया कुमार से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा था कि ‘होश और जोश के साथ बिहार के स्वर्णिम भविष्य के लिए हम दृढ़संकल्पित हैं। मिलकर बदलेंगे बिहार उम्मीद करते हैं मांझी जी बाबा साहेब और कांशीराम जी के बाद दबे-कुचले की मजबूत आवाज बन हमारी भावनाओं को समझेंगे। हम, कन्हैया जी और बिहार को बचानेवाले साथी इसके पुनर्निर्माण के लिए साथ खड़े हैं।

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