कल तक बाढ़ की विभीषिका का दंश झेल रहा था दरभंगा, आज यहाँ पानी के लिए हाहाकार

दरभंगा । दशकों तक बाढ़ की विभीषिका का दंश झेल चुका दरभंगा जिला अब पानी की एक बूंद के लिए तरस रहा है। शहरी क्षेत्र सहित ग्रामीण क्षेत्र के कई इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। भू-गर्भीय जलस्तर के नीचे चले जाने के कारण अधिकांश इलाकों के चापाकल सूख गए हैं। यह समस्या पिछले कुछ वर्षों से विकराल बनी हुई है। सरकारी स्तर पर लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में लाखों रुपये पानी की तरह बहाए गए, लेकिन शहरी क्षेत्र के अधिकांश इलाकों में बनाए गए जलमीनार और स्टैंड पोस्ट से पानी का एक बूंद भी नहीं टपका। कई स्टैंड पोस्ट तो निर्माण के बाद से धाराशायी हो गए। अब मात्र उनके अवशेष देखे जा सकते हैं। शहरी क्षेत्र के आजमनगर, शिवधारा, बेला, बालूघाट, लक्ष्मीसागर, कटहलबाड़ी, भटयारीसराय, दोनार, कबीरचक, शाहगंज, बेंता, बलभद्रपुर, कबिलपुर सहित कई इलाकों में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। लोग पानी भरने के लिए रात भर रतजगा करने को मजबूर हैं। दिन के वक्त तो पानी भरने के लिए लोगों को घंटों मोटर चलाना पड़ता है। सरकारी स्तर पर जितने भी चापाकल लगाए गए है, उनमें से अधिकांश सूख चुके हैं। कई स्थानों पर इंडिया मार्का चापाकल भी लगाया गया, बावजूद पानी की समस्या बनी हुई है। आर्थिक रुप से सम्पन्न लोग पुराने मोटर की जगह समरसेबुल लगा रहे हैं, लेकिन आर्थिक रुप से कमजोर और लाचार व्यक्ति के समक्ष प्यास बुझाने की समस्या दिन-प्रतिदिन गहराती जा रही है। इधर, जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से जलसंकट से निपटने के लिए व्यापक स्तर पर इंतजाम किए जा रहे हैं। टैंकरों के जरिए पानी की सप्लाई की जा रही है।

admin: