दरभंगा-मधुबनी संसदीय क्षेत्र में पड़ सकता है फातमी इफेक्ट !

दरभंगा । राजद के कभी कद्दावर नेता के रूप में सुमार मो. अली अशरफ फातमी के बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर मधुबनी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ने से उसका इफेक्ट दरभंगा और मधुबनी संसदीय क्षेत्र पर क्या पड़ेगा यह तो अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन राजनीतिक प्रेक्षक अभी से माथा-पच्ची में जुट गये हैं। राजनीतिक प्रेक्षकों की माने, तो जिस तरह से फातमी तेजस्वी यादव पर सीधा हमला कर रहे हैं और अल्पसंख्यकों की उपेक्षा की बात कर रहे हैं, तो उसका असर महागठबंधन पर पड़ेगा ही इससे इनकार नहीं किया जा सकता। जहां तक फातमी की बात है, तो निश्चित रूप से राजद में वे कद्दावर नेता थे। भारत सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और चार बार दरभंगा संसदीय क्षेत्र से वे सांसद भी रह चुके हैं, लेकिन लगातार दो बार वे यहां से चुनाव हार गये थे। चूंकि एक तो मोदी लहर ऊपर से पार्टी के भीतरघात का सामना खुले रूप से करना पड़ा था। जहां तक मधुबनी संसदीय सीट का सवाल है, तो दरभंगा जिला के दो विधानसभा क्षेत्र मधुबनी संसदीय क्षेत्र में आते हैं। जिसमें जाले और केवटी विधानसभा क्षेत्र है। केवटी विधानसभा क्षेत्र में उनके पुत्र फाराज फतमी विधायक हैं। दरभंगा जिला के दोनों विधानसभा क्षेत्र में फातमी की पकड़ मजबूत हैं, इससे भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसके अलावा फातमी ने निर्दलीय चुनाव नहीं लड़ कर बहुजन समाज पार्टी की हाथी की सवारी की है और दरभंगा संसदीय सीट पर भी बहुजन समाज पार्टी चुनाव लड़ रही है। ऐसे में फातमी का इफेक्ट दरभंगा और मधुबनी दोनों पर पड़ सकता है। वैसे फातमी का तो यहां तक दावा है कि पूरे बिहार में तो असर होगा ही मिथिला के 6 संसदीय सीट पर राजद को भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।

-अमरनाथ चौधरी के फेसबुक वॉल से (ये लेखक के निजी विचार हैं,लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं।)

admin: