तेजप्रताप यादव के बगावती तेवर के बाद पार्टी का यह अल्पसंख्यक चेहरा बना ‘बागी’!

पटना,संवाददाता । लोकसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। सभी सियासी दल अपनी-अपनी गोटियां सेट करने में लगे हुए हैं, लेकिन RJD की मुश्किलें जस की तस बनी हुई हैं। राजद सूप्रीमों के बड़े बेटे RJD नेता तेज प्रताप यादव के बगावती तेवर के बाद पार्टी के जाने-माने अल्पसंख्यक चेहरों में से एक पूर्व RJD सांसद अली अशरफ फातमी का बागी तेवर अब राजद के लिए परेशानी का सबब बन गया है।

मोहम्मद अली अशरफ़ फ़ातमी

फातमी दरभंगा से टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं और निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बना रहे हैं। हालांकि ऐसा करने से पहले फातमी चाहते हैं कि राजद सूप्रीमों लालू प्रसाद इस पर विचार करें। इसके लिए उन्होने लालू यादव को 3 अप्रैल तक की मोहलत दी है। अगर बात नहीं बनी तो नाराज फातमी पार्टी छोड़कर निर्दलीय भी चुनाव लड़ सकते हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार फातमी अपने कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी बैठक कर रहे हैं। मिल रही खबरों के मुताबिक बैठक में फातमी के साथ RJD के सीताराम यादव , मंगनीलाल मंडल समेत कई बड़े नेता मौजूद रहेंगे। ये सभी वो चेहरे हैं जिनका टिकट इस बार RJD ने काटा है। कयास ये भी लगाए जा रहे हैं कि इस बैठक में तेजप्रताप यादव भी शामिल होंगे।

बता दें RJD कोटे से दरभंगा सीट के लिए फातमी सबसे प्रबल दावेदार थे, लेकिन अब्‍दुल बारी सिद्दीकी की उम्‍मीदवारी सामने आने के बाद अली अशरफ फातमी का धैर्य जवाब दे गया। फातमी के मुताबिक दरभंगा में अपने कार्यकर्ताओं और वोटरों से राय लेकर वे जल्द ही कोई बड़ा एलान कर सकते हैं।

गौरतलब है कि मधुबनी में मीडिया से मुखातिब फातमी ने कहा था कि उनका टिकट तय था लेकिन पार्टी के ही कुछ लोगों की साजिश के चलते उन्हें टिकट नहीं मिल पाया। उनकी माने तो इसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ेगा।

इधर राजनीतिक विश्लेषकों का माने तो फातमी के बागावत से मिथिलांचल के इलाकों में महागठबंधन का वोट प्रभावित हो सकता है। फातमी की उस इलाके के मुस्लिम वोटरों पर मजबूत पकड़ है। यही कारण है कि तेजस्वी और लालू प्रसाद अब भी फातमी को मनाने में जुटे हैं।

You May Also Like

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *