अगर दरभंगा से नही बनी बात तो धनबाद से पीएन सिंह के खिलाफ ताल ठोंक सकते हैं कीर्ति आजाद!

नई दिल्ली,न्यूज ऑफ मिथिला डेस्क । दरभंगा के सांसद रहे भाजपा के बागी नेता कीर्ति झा आजाद धनबाद से पीएन सिंह के खिलाफ ताल ठोंक सकते हैं। बदली परिस्थितियों में वे कांग्रेस प्रत्याशियों की दौड़ में सबसे आगे चल रहे हैं।

दरभंगा के कांग्रेस सूत्रों की मानें तो स्वयं पार्टी के झारखंड प्रभारी ने उन्हें धनबाद सीट से लडऩे का प्रस्ताव दिया है। झारखंड प्रदेश नेतृत्व ने भी उनके नाम पर सहमति जता दी है। अब सबकुछ कांग्रेस आलाकमान के हाथ में है। संभावना है कि आलाकमान की सहमति मिलते ही मंगलवार को झारखंड के कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा कर दी जाए।

राजद ने बीआइपी के मुकेश सहनी को दरभंगा सीट छोडऩे के लिए तो मना लिया लेकिन इसे कांग्रेस को देने को वह राजी नहीं है। सूत्रों की मानें तो राजद दरभंगा से अपने दिग्गज नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी और मधुबनी से अली अनवर को उतारने का मन बना चुकी है। इन इलाकों में अल्पसंख्यकों की काफी जनसंख्या है। यादव मतदाताओं की संख्या भी दमदार है। ऐसे में कीर्ति के लिए दूसरी सीट ढूंढऩे की मजबूरी हो गई।

बता दें कि इधर कांग्रेस आलाकमान दरभंगा सीट को लेकर अड़े हुए हैं और दरभंगा से तीन बार के सांसद कीर्ति आजाद को ही मैदान में उतारना चाहते हैं। कीर्ति आज़ाद अंतिम क्षण तक दरभंगा या मधुबनी सीट हासिल करने को लेकर प्रयासरत हैं लेकिन फ़िलहाल बात नहीं बनी। अगर इन सीटों पर बात नही बनी तो कीर्ति आजाद धनबाद सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर सकते हैं।

कीर्ति के नजदीकी सूत्रों के मुताबिक हाल ही में आजाद के ससुर के श्राद्धकर्म के दौरान कांग्रेस के झारखंड प्रभारी आरपीएन सिंह ने फोन पर लंबी बातचीत हुई। इसी दौरान उन्हें धनबाद सीट ऑफर की गई। उन्होंने इसे स्वीकार भी कर लिया।

हालांकि धनबाद से झारखंड प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार के नाम की चर्चा थी लेकिन उन्होंने इस पर जोर नहीं दिया। डॉ. अजय की मानें तो वे चुनाव नहीं लड़ रहे लेकिन टिकट की दौड़ में कीर्ति आजाद, पूर्व सांसद चंद्रशेखर दुबे उर्फ ददई दुबे, जलेश्वर महतो सहित कुछ अन्य हैं। मंगलवार तक घोषणा होने की उम्मीद है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक जातीय समीकरण के हिसाब से कांग्रेस झारखंड की सात में एक सीट पर हर हाल में ब्राह्मण उम्मीदवार देना चाहती है। धनबाद में तकरीबन 2.5 लाख ब्राह्मण हैं जिनमें 60-70 हजार मैथिल ब्राह्मण हैं। कीर्ति के पिता भागवत झा आजाद के समय धनबाद में कोल माफियाओं के खिलाफ माफिया ट्रायल भी चलाया गया था जिसे भुनाया जा सकता है। इसके अलावा 3.5 लाख अल्पसंख्यक वोट और झाविमो को पिछले चुनाव में मिले लगभग एक लाख वोट को भी पार्टी अपना मान रही है। और, सबसे बड़ी बात कि वे सेलिब्रिटी हैं। धनबाद जैसी सीट पर इसका आकर्षण भी होगा।

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