समर्थकों में जोश भरते हुए कीर्ति झा ने कहा- मेरे पिता के लिए बूथ कब्जा करते थे कांग्रेसी।

दरभंगा । कीर्ति झा आजाद दरभंगा से तीन बार सांसद रहे हैं। मतलब साफ हैं उनमें कुछ खास है। जनता के दर्द को और यहां की समस्याओं को वे बखूबी समझते हैं। यहीं कारण है कि यहां की जनता उनसे बेहद प्यार करती है। उक्त बातें मंगलवार को कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष डॉ. मदन मोहन झा ने कही। सांसद कीर्ति झा आजाद के दिल्ली में पार्टी में शामिल होने के दूसरे दिन आयोजित अभिनंदन समारोह को उन्होंने संबोधित करते हुए कहा कि उनकी अच्छाई को नहीं बताना उनके लिए बेइमानी होगी। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को उन्होंने हर बात से अवगत कराया है। ताकि, आजाद और पार्टी की स्थिति और मजबूत हो। उन्होंने कहा कि कीर्ति झा आजाद और पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा के परिवार का पार्टी में बड़ा योगदान है। इसे झुठलाया नहीं जा सकता है।
सांसद कीर्ति झा आजाद ने कहा कि न तो मुझे कांग्रेस पार्टी में शामिल होने में कोई परेशानी हुई और न ही कांग्रेसी को मुझे अपनाने में। क्योंकि, मूल रूप से मैं कांग्रेसी परिवार से ही हूं। कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उन्होंने जोश भरते हुए कहा कि आप लोग मेरे पिताजी के लिए भी बूथ कब्जा करने का काम करते थे और वर्ष 1999 में मेरे लिए भी किया। दरअसल, उस समय बैलेट से चुनाव होता था। कहा कि हमलोग खांटी कांग्रेसी हैं।

कांग्रेस में शामिल होने के बाद उन्होंने पहली बार सभा को संबोधित करते हुए कहा कि अटल-आडवाणी वाला अब बीजेपी नहीं रहा। मोदी की सरकार जुमलों की है।
मनमोहन सिंह के कार्यकाल में मोदी भाषण देते थे कि एक सैनिक के सिर का बदला दस पाकिस्तानी के सिर को काट कर लेंगे। लेकिन, पुलवामा में हुए घटना के चार दिन गुजरने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। पीएम उदघाटन और शिलान्यास में लगे हैं। सैनिक की शहादत पर अब राजनीति कर रहे हैं। पुलवामा कोई पहली घटना नहीं है। इससे पूर्व पठानकोट और उरी में भी आंतकी हमला हुआ और कई जवान शहीद हुए। उन्होंने कहा कि मोदी 2014 के चुनाव में भ्रष्टाचारियों को सबक सिखाने की बात कही थी।
इसी विश्वास के साथ क्रिकेट में हुए चार कारोड़ के घोटाले को जब साक्ष्य के साथ उठाया तो उन्हें ईनाम में 23 दिसंबर 2015 को पार्टी से हटा दिया गया। क्षेत्र में जब वे जाते हैं तो जनता उनसे 15 लाख रुपये के विषय में पूछती है कि रुपया कब मिलेगा। न रुपया मिला और न ही देश के अंदर काला धन आया। 1998 के पहले यहां बीजेपी से न तो कोई सांसद हुआ और न ही कोई संगठन था। उन्होंने पार्टी को सींचने का काम किया। अब बहुत जल्द भाजपा के कई बड़े कार्यकर्ता कांग्रेस में शामिल होंगे।
पूर्व विधायक ऋषि मिश्रा ने कहा कि समारोह में मंच के टूटने से यह पता चल गया कि कीर्ति सांसद हैं और भविष्य में रहेंगे। प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा, सांसद आजाद और स्वयं वे जब साथ चलेंगे तो सामने कोई टिक नहीं सकता । उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि एक नेता अपने को जबरन सांसद घोषित करना चाहते हैं। जब वे बीजेपी से एमएलसी थे तो क्यों जदयू में शामिल हुए। आज उसी बीजेपी की बदौलत सांसद बनने की चाहत रखते हैं। कहा कि वे अवसर की राजनीति करते हैं।
चुनाव के दौरान किसी क्षेत्र में पार्टी के लिए उन्होंने काम नहीं किया। आज जब दरभंगा से उड़ान शुरू होने वाला है तो इसका श्रेय लेने पर तूले हैं। लेकिन, सच्चाई यह है इस काम के लिए सांसद आजाद चार वर्ष पूर्व ही पत्राचार कर चुके थे और सर्व रिपोर्ट में यहां की जनता ने जो मत दिया उस आधार पर यहां से उड़ान शुरू होने वाला है।
पूनम झा आजाद ने कहा कि कल तक परिवार अधूरा था। लेकिन, पति के कांग्रेस में शामिल होने उनका पूरा परिवार कांग्रेसी हो गया।
कहा कि 26 वर्षों से उनका परिवार भटक गया था। लेकिन, उनके डीएनए में कांग्रेस ही था। इसलिए आज फिर से अपने घर में हैं। अध्यक्षता जिलाध्यक्ष सीताराम चौधरी ने की। समारोह को अजय जलान, पं. रामनारायण झा, डॉ. कमरूल हसन, डॉ. जहांगीर आलम, डॉ. कमरूल हसन, डॉ. बैधनाथ झा बैजू, कमलाकांत चौधरी, विनय कुमार झा, मो. असलम, हादी सिद्दीकी, रीता सिंह, प्रतिभा सिंह आदि ने भी संबोधित किया। सांसद कीर्ति झा आजाद को दरभंगा से प्रत्याशी बनाने और अधिक से अधिक मत से जीत दिलाने की बात कही।


सांसद कीर्ति झा आजाद के कांग्रेस में शामिल होने और उनके दरभंगा आगमन पर जगह-जगह स्वागत किया गया। शोभन चौक, एकमी, सैदनगर, लोहिया चौक के बीच कई जगहों पर कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ सांसद का अभिनंदन किया। दजर्नों वाहनों के काफिले के साथ चल रहे सांसद आजाद नियत समय पर नहीं पहुंच पाए। बाकरगंज में नगर कांग्रेस अध्यक्ष राजा अंसारी की अध्यक्षता में उनका अभिनंदन किया गया। इसके बाद उनका काफिला नाका छह, कर्पूरी चौक, बेंता आदि जगहों पर सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया।

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