CM बनते ही कमलनाथ के बिगड़े बोल, यूपी-बिहार के युवाओं की वजह से MP के युवा बेरोजगार

नई दिल्ली । मध्य प्रदेश की कमान संभालने के पहले ही दिन सीएम कमलनाथ की ओर से किसानों के कर्ज की माफी का आदेश जारी कर दिया गया। इसके अलावा कमलनाथ सरकार ने किसानों के अलावा युवाओं को भी लुभाने का बड़ा दांव चल दिया है। सोमवार को शपथ लेने के कुछ घंटों के बाद ही कमलनाथ ने सूबे के उद्योगों में 70 पर्सेंट रोजगार प्रदेश के युवाओं को देने के नियम पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके मुताबिक राज्य के उन उद्योगों को ही इन्सेंटिंव यानी छूट दी जाएंगी, जिनमें 70 फीसदी रोजगार स्थानीय लोगों को दिया जाएगा।

सीएम के तौर पर पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कमलनाथ ने कहा, ‘निवेश के लिए छूट दिए जाने की हमारी नीति उन्हीं उद्योगों के लिए होगी, जहां 70 फीसदी रोजगार मध्य प्रदेश के युवाओं को दिया जाएगा।’ कमलनाथ ने कहा, ‘उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों के लोग यहां आते हैं, लेकिन स्थानीय लोगों को जॉब नहीं मिल पाती। मैंने इसके लिए फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए हैं।’
इसके अलावा उन्होंने सूबे में 4 गारमेंट पार्कों की शुरुआत का भी ऐलान किया। कमलनाथ ने कहा, ‘हमने स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर पैदा करने के मकसद से यह पहला कदम उठाया है। उन इंडस्ट्रीज को ही प्रमोट किया जाएगा, जो सूबे के लोगों को रोजगार में प्राथमिकता देंगे।’
सीएम की शपथ लेने के बाद कमलनाथ ने राहुल गांधी की ओर से किए गए किसानों की कर्ज माफी के साथ ही रोजगार में आरक्षण के नियम की फाइल पर भी साइन कर दिए। कमलनाथ ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, ‘मैंने शपथ लेने के बाद पहली फाइल किसानों के कर्ज माफी की पास की, जिसका वादा हमने चुनाव से पहले अपने वचन पत्र में किया था।’ सूबे में किसानों के 2 लाख रुपये तक के लोन माफ हो जाएंगे।

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