दरभंगा एम्स के प्रस्ताव पर एनडीए नेताओं में मची क्रेडिट लेने की होड़

दरभंगा । बिहार में दूसरा एम्स खोलने के प्रस्ताव को लेकर एनडीए नेताओं में जस लेने की होड़ मच गई है. पहले जेडीयु के राष्ट्रीय महासचिव संजय झा और बीजेपी के दरभंगा विधायक संजय सरावगी ने श्रेय लेने के लिए अपनी कोशिशों का बखान किया. अब इस समर में दरभंगा के सांसद कीर्त्ति आजाद कूद पड़े हैं. उन्होंने शुक्रवार को इस संबंध में प्रेस रिलिज जारी की है.

आजाद ने बिना नाम लिए आरोप लगाया है कि कुछ स्वयंभू नेता सांसद के हर काम का राजनीतिक लाभ लेने की फिराक में रहते हैं. इसी साजिश के तहत दरभंगा में एम्स की स्थापना के लिए किए गए उनके प्रयास को श्रेयहीन करने का प्रयास हो रहा है.

आजाद ने दावा किया कि साल 2015-16 के केन्द्रीय बजट में बिहार को दूसरा एम्स देने के वायदे के बाद ही उन्होंने केन्द्र सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सचिव से बातचीत शुरू कर दी थी. सचिव ने कहा कि प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजना है. इसके बाद सांसद ने बिहार के सीएम को पत्र लिखा था. पत्र में प्रस्ताव नहीं भेजे जाने पर सरकारी लापरवाही की ओर इशारा किया गया. आजाद ने कहा है कि इसी पत्र में डीएमसीएच की फिजिबिलिटी बताई गई. डीएमसीएच के पास 200 एकड़ से अधिक जमीन है.

सांसद ने आरोप लगाया है कि उनके प्रयासों की लगातार अनदेखी करने और अब चुनाव नजदीक देख केन्द्र को प्रस्ताव भेजने की बात राजनीतिक माइलेज लेने की चेष्टा है. आजाद ने कहा है कि चुनाव आचार-संहिता से पहले प्रस्ताव भेजा जा सका तो वे केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से समन्वय स्थापित कर जल्द ही आवंटन दिलाने का प्रयास करेंगे.

कीर्त्ति आजाद ने नीतीश सरकार पर चुटकी लेते हुए कहा है कि देर से किए गए काम के बावजूद राज्य सरकार को धन्यवाद.

आपको बता दें कि 5 नवंबर को बिहार के मुख्य सचिव दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य के स्वास्थ्य विभाग की हुई बैठक में प्रस्तावित दूसरे एम्स को दरभंगा में स्थापित करने संबंधी प्रस्ताव केन्द्र सरकार को भेजने का फैसला लिया गया. बैठक में डीएमसीएच को ही अपग्रेड कर एम्स बनाने पर सहमति बनी.

अगले ही दिन संजय झा की ओर से प्रेस रिलिज जारी की गई. इसमें कहा गया कि डीएमसीएच को अपग्रेड कर एम्स बनाने की दिशा में बिहार सरकार ने पहल की है. कहा गया है कि 14 जनवरी 2017 को दरभंगा जिले के जयदेवपट्टी गांव में एक जनसभा में जेडीयु महासचिव ने डीएमसीएच को अपग्रेड कर एम्स बनाने का वादा किया था.

इसी साल 13 अगस्त को वित्त मंत्री से मिलकर दरभंगा एम्स पर बात आगे बढ़ाई थी. संजय झा ने कहा है कि सीएम नीतीश की इच्छा रही है कि दरभंगा में एम्स हो. जेडीयु नेता ने दावा किया कि दरभंगा में एयर सर्विस और एम्स मिथिला के विकास में गेम चेंजर साबित होंगे.

उधर उसी दिन यानि 6 नवंबर को ही दरभंगा के नगर विधायक संजय सरावगी भी मैदान में उतरे और दरभंगा में एम्स के प्रस्ताव तक के सफर के पीछे अपनी भूमिका बताई. साल 2018 के 3 मार्च को सीएम नीतीश को लिखे पत्र को सार्वजनिक करते हुए विधायक ने समा बांधा कि उनकी कितनी बड़ी पहल रही.

असल में लोकसभा चुनाव करीब है और एनडीए विकास का बीन बजाकर ही चुनावी समर में कूदना चाहता. दरभंगा लोकसभा सीट बीजेपी के पास है. लेकिन सांसद पार्टी से निलंबित हैं. कीर्त्ति आजाद के डिफायंस को देखते हुए सुलह के आसार खत्म हो चुके हैं. राजनीतिक गलियारे की चर्चा के अनुसार दरभंगा सीट जेडीयु को जा सकता है. ये भी कहा जा रहा कि संजय झा दरभंगा से चुनाव लड़ सकते हैं. जिले के विकास पुरूष की छवि गढ़ने की खातिर एयर सर्विस और एम्स संजय झा के काम आ सकता है. उधर संजय सरावगी को लगता है कि सीट बीजेपी के पास रहेगा और लोकसभा चुनाव में उन्हें चांस मिल सकता है.

श्रेय लेने की होड़ ने रोचक राजनीतिक परिदृष्य सामने ला दी है.

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