लोस चुनाव 2019 : सीट शेयरिंग के बाद BJP सांसदों में बेचैनी, सहयोगियों के खाते में जा सकती है कीर्ति आजाद की दरभंगा सीट

न्यूज़ ऑफ मिथिला,डेस्क । बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और जदयू सुप्रीमो व सीएम नीतीश कुमार के बीच राष्‍ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) में लोकसभा चुनाव में सीटों के तालमेल को लेकर सहमति के बाद अब सीटों को लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं।
एक बात तय है कि भाजपा को बिहार में पिछले लोकसभा चुनाव में जीती हुई करीब आधा दर्जन सीटों की कुर्बानी देनी होगी। इसको लेकर मौजूदा सांसदों की बेचैनी भी बढ़ गई है।

भाजपा की वे कौन-कौन जीती हुईं सीटें होंगी, जो सहयोगी जदयू के खाते में जाएंगी, इसे लेकर कयासबाजी शुरू है। कई बेटिकट होंगे तो कई के क्षेत्र भी बदल जाएंगे। बताया जाता है कि भाजपा ने अपने सांसदों के परफॉरमेंस को लेकर सर्वे कराया था, जिसमें एक दर्जन सांसदों के कामकाज पर निगेटिव रिपोर्ट मिली थी। इन क्षेत्रों में प्रत्याशी बदलने की पहले से ही चर्चा थी। अब भाजपा-जदयू के बराबर-बराबर सीटों पर चुनाव लडऩे के एेलान के बाद भाजपा के बमुश्किल सात-आठ मौजूदा सांसदों को ही दुबारा टिकट मिलने की उम्‍मीद है।

पिछले लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीती बाल्‍मीकिनगर झंझारपुर, दरभंगा, मुजफ्फरपुर, महाराजगंज, सासाराम एवं बेगूसराय सीटेंं एनडीए के सहयोगियों के पाले में जाना करीब करीब तय माना जा रहा है। खास बात यह है कि इनमें भाजपा के बागी सासंद कीर्ति आजाद की सीट भी शामिल है।

कीर्ति आजाद

चर्चा है कि भाजपा के कुछ मौजूदा सांसदों को जदयू की सीट से चुनाव लडऩे का मौका मिल सकता है। बदले हालात में भाजपा का जिन सीटों पर चुनाव लडऩा तय माना जा रहा है, उनमें बेतिया, मोतिहारी, मधुबनी, सिवान, गोपालगंज, छपरा, बक्सर, पाटलिपुत्र, पटना साहिब, भागलपुर, खगडिय़ा और कटिहार की सीटें प्रमुख हैं। पटना साहिब से भाजपा सासंद शत्रुघ्‍न सिन्‍हा पार्टी लाइन से अलग हटकर लगातार बयान देते रहे हैं, इस कारण उनका टिकट कटना तय माना जा रहा है।

शत्रुघ्न सिन्हा

राजग के घटक दल रालोसपा की जहानाबाद सीट जदयू के पाले में जा रही है। यहां से मंत्री कृष्णनंदन वर्मा के प्रत्याशी बनाए जाने की चर्चा है। सूत्रों का कहना है कि रालोसपा अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा काराकाट के बदले उजियारपुर से चुनाव लडऩा चाहते हैं। अगर कुशवाहा की बात भाजपा नेतृत्व मान लेता है तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय सीतामढ़ी से प्रत्याशी हो सकते हैं क्योंकि सीतामढ़ी से रालोसपा के रामकुमार शर्मा झंझारपुर या मोतिहारी से चुनाव लडऩे के इच्छुक बताए जाते हैं।
उपेन्द्र कुशवाहा

खतरे में लोजपा की मुंगेर, वैशाली, खगडिय़ा व नालंदा सीटें
जहां तक लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) का सवाल है उसकी मुंगेर, वैशाली, खगडिय़ा और नालंदा सीटों पर खतरा है। मुंगेर की जगह लोजपा को बेगूसराय सीट मिल सकती है, जहां से वीणा देवी प्रत्याशी बनाई जा सकती हैं। मुंगेर से जल संसाधन मंत्री राजीव रंजन सिंह और नालंदा से ग्रामीण विकास एवं संसदीय कार्य मंत्री श्रवण कुमार के प्रत्याशी बनाए जा सकते हैं। वैशाली सीट भी जदयू के कोटे में जाने की संभावना है।
राम विलास पासवान

रिपोर्ट : सुभाष पांडेय

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