जम्मू के वैष्णो देवी की तर्ज पर है वृंदावन में माँ वैष्णो का 141 फीट ऊंचा मंदिर।


फोटो: वृंदावन में स्थित मां वैष्णो देवी की 141 फीट ऊंची मूर्ति

मथुरा/आगरा । मथुरा में जहां चारो ओर श्री कृष्ण जन्माष्टमी की धूम हैं, वहीं मां वैष्णो का 141 फीट ऊंचा दरबार भी सजा हुआ है। जम्मू के वैष्णो देवी की तर्ज पर वृंदावन में बने इस मंदिर की अपनी एक अलग मान्यता है। लोगों के अनुसार आज भी इस मंदिर की रक्षा हनुमान जी करते हैं। इस मंदिर में स्थापित मां की मूर्ति की ऊंचाई को लेकर इसका नाम लिम्का बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज है। मां दुर्गा की यह मूर्ति 141 फीट ऊंची है। मूर्ति के बगल में हाथ जोड़े हनुमान जी बैठे हुए हैं। दरअसल, पुराणों में ये मान्यता है कि जब मां वैष्णो त्रिकुट पर्वत की गुफा में तपस्या करने गईं तो उनका अहित करने के लिए भैरवनाथ उनके पीछ पड़ गए। तभी माता की रक्षा के लिए हनुमान जी आ गए और भैरवनाथ से उनकी लंबी लड़ाई हुई। नौ महीने बाद तप कर निकली मां वैष्णो ने काली का रूप धारण कर भैरवनाथ का वध किया। इसी मान्यता को आधार बनाकर वहां हनुमान जी की मूर्ति लगाई गई है। माता वैष्णो देवी के मंदिर की विशेषताएं
मंदिर की विशेषता बताते हुए प्रबंधक मनोज ने बताया कि मां वैष्णो की मूर्ति जमीन से 141 फीट ऊंची है। यह मंदिर 11 एकड़ में बना हुआ है। इसमें देवी मंदिर, दर्शन गुफा, लंगर हॉल, फ्री डिस्पेंसरी, आध्यात्मिक हॉल और लाइब्रेरी बनाया गया है। इसका निर्माण 22 मई 2010 में पूरा हुआ था। गुफाओं में विराजमान है मां वैष्णो के नौ रूप
इस मंदिर में एक गुफा का निर्माण किया गया है, जहां माता के नौ रूपों को स्थापित किया गया है। इसके अलावा वहां भगवान गणेश और शिव जी की भी मूर्ति लगी हुई है। इस मंदिर में चमड़े की कोई भी वस्तु रखकर या पहनकर आने की सख्त मनाही है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अलग-अलग काउंटर भी बनाए गए हैं ताकि वह टिकट ले सकें और अपना सामान भी जमा कर सकें। जे.सी. चौधरी ने की थी मंदिर की स्‍थापना
मंदिर का मैनेजमेंट संभाल रहे मनोज ने बताया कि इसकी स्थापना जे.सी. चौधरी ने की है। वे मां वैष्णो को अपना प्रेरणा स्रोत मानते हैं। चौधरी दिल्ली में अपना कारोबार करते हैं और हर महीने यहां आते रहते हैं। श्रद्धालुओं को कोई दिक्कत ना हो इसके लिए उन्होंने मंदिर में सारे इंतजाम भी कर रखे हैं। इस मंदिर से सटा एक आश्रम भी हैं जहां कोई भी श्रद्धालु आकर रुक सकता है।

रिपोर्ट : निशान्त झा

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