दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण के कारण फिर आ सकती है ODD-EVEN स्कीम

नई दिल्ली,संवाददाता । पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने व अन्य कारणों से दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ता जा रहा है। इस स्थिति से निपटने के लिए सोमवार से ग्रेडेड रिस्पास एक्शन प्लान (जीआरएपी) लागू हो रहा है। इसके तहत दिल्ली में पार्किंग फीस बढ़ाई जा सकती है और डीजल से चलने वाले जेनरेटर भी बैन किए जा सकते हैं। यह कदम तब उठाए जाएंगे जब प्रदूषण की स्थिति लगातार 48 घंटों तक आपातकालीन, बेहद खतरनाक या बहुत खराब स्तर पर होगी।

पर्यावरण प्रदूषण (रोकथाम और नियंत्रण) प्राधिकरण (इपीसीए) की तरफ से जीआरएपी को लागू करने के दौरान विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इपीसीए के सदस्यों ने कहा है कि वह प्रदूषण की स्थिति का जायजा लेने के लिए लगातार बैठकें करेंगे। जीआरएपी के निर्देशों को लागू करने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। साथ ही इसका उल्लंघन होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। समय-समय पर इसकी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में जमा कराई जाएगी।

ये हैं ग्रैप के निर्देश

आपातकालीन स्थिति (लगातार 48 घंटे तक पीएम 2.5 का स्तर 300 व पीएम 10 का 500 एमजीसीएम हो) में – ऑड इवन को लागू करें
दिल्ली में ट्रकों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाएं और सभी निर्माण कार्यों पर रोक लगाएं
एक टास्क फोर्स का गठन करें जो यह देखे कि स्कूलों को बंद किया जाए बेहद खतरनाक स्थिति (48 घंटे तक पीएम 2.5 का स्तर 250 व पीएम 10 का 430 एमजीसीएम से ज्यादा हो) में
दिल्ली एनसीआर में ईंट भट्ठों को बंद किया जाए
बदरपुर पावर प्लांट को बंद किया जाए
सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को बढ़ाया जाए बहुत खतरनाक स्थिति (48 घंटे तक पीएम 2.5 का स्तर 121 से 250 व पीएम 10 का 351 से 430 एमजीसीएम के बीच हो) में
डीजल जेनरेटर पर प्रतिबंध लगेगा
पार्किग शुल्क को तीन से चार गुना ज्यादा बढ़ा दिया जाएगा
होटल एवं खुले में खानपान में लकड़ी और कोयले के इस्तेमाल पर रोक लगा दी जाएगी
आरडब्ल्यूए को सुरक्षा कर्मियों को इलेक्ट्रिक हीटर मुहैया कराना होगा
अखबारों, रेडियो के जरिये लोगों में प्रदूषण के प्रति सतर्क रहने संदेश जारी किए जाएंगे सामान्य से खराब स्थिति (48 घंटे तक पीएम 2.5 का स्तर 61 से 120 और पीएम 10 का 101 से 350 एमजीसीएम के बीच हो) में
लैंडफिल साइट और खुले में कूड़ा जलाने पर रोक रहेगी। इसका उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना लगाया जाएगा
सड़कों पर पानी का छिड़काव किया जाएगा
पटाखों के जलाने पर रोक रहेगी

बस स्टॉप बनेंगे ब्रीदिंग जोन सांसों को मिलेगी साफ हवा
नो स्मोकिंग जोन की तर्ज पर बहुत ही जल्द राजधानी में ब्रीदिंग जोन दिखेंगे, जहां खुलकर सांस ली जा सकेगी। ऐसे जोन सार्वजनिक स्थानों पर बनाए जाएंगे, जहां हर कोई जा सके। यदि कहीं भी, किसी को दम घुटने जैसा लगे तो वह पास स्थित ब्रीदिंग जोन में जाकर राहत पा सकेगा। जानकारी के मुताबिक, केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (सीडीएसटी) ने एक साल के लिए राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान (नीरी) को इस आशय का प्रोजेक्ट दिया है। प्रोजेक्ट के तहत विभिन्न बस स्टॉपों पर ब्रीदिंग जोन बनाए जाएंगे। बस स्टॉप पर एक से दो एयर फिल्टर लगाए जाएंगे। यह फिल्टर बाहर की प्रदूषित हवा भीतर खींचकर स्वच्छ हवा बाहर छोड़ेंगे। फिल्टर की क्षमता प्रदूषित हवा को 60 फीसद तक बेहतर बना देने की रहेगी। नीरी के मुताबिक, पहले बस स्टॉप को बिना कवर किए इसका परिणाम देखा जाएगा। जरूरत पड़ेगी तो पारदर्शी प्लास्टिक शीट से बस स्टॉप को कवर भी किया जा सकता है। फिलहाल, नीरी इस प्रोजेक्ट की शोध रिपोर्ट तैयार कर रहा है। रिपोर्ट तैयार होने के बाद केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के साथ मिलकर ऐसे स्थान चिन्हित किए जाएंगे, जहां पर प्रदूषण ज्यादा होगा। ऐसे स्थानों के बस स्टॉप पर ही पहले चरण में ब्रीदिंग जोन बनाए जाएंगे।

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