बांध मे आये सरान्ध को हवाई मार्ग से कैसे देखते होंगे नीतीश सरकार के मंत्री संजय झा..?

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दरभंगा । जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा ने बाढ़ पूर्व तैयारियों को लेकर घनश्यामपुर प्रखंड के रसियारी और समस्तीपुर के बरियारी बांध पर जाकर चले रहे कार्यों का निरीक्षण किया। स्थानीय परिसदन से घनश्यामपुर के रसियारी और बरियारी तक जाने के क्रम में जगह-जगह पर कार्यकर्ताओं ने उनका फूल-माला के साथ स्वागत किया। निरीक्षण के क्रम में मंत्री सबसे पहले रसियारी पहुंचे, जहां एक घंटे तक विभागीय अधिकारियों के साथ की जा रही तैयारियों की बाबत जानकारी हासिल की। इस दौरान इंजीनियरों ने उन्हें चल रही तैयारी से अवगत कराया। इसके बाद मंत्री का काफिला बरियारी पुल पहुंचा। जहां नदी के एक तरह के बांध का काम किया जा रहा है। मंत्री ने बरियारी के भी चल रहे कार्यों को बारीकी से देखा और विभागीय अभियंताओं को कई आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में स्थानीय लोगों ने मंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखी। जदयू से नाराज़ चल रहे हायाघाट के विधायक अमरनाथ गामी ने इस संदर्भ में अपने फेसबुक वॉल पर एक पोस्ट लिखी है। श्री गामी ने लिखा है कि – “हमे शर्म हो रहा है लज्जा हो रही है। दल के विधायक हैं दल के सरकार का विरोध नही कर सकते। इस कारन हम शिकायत नही कर रहे हैं।
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अन्य माननीय का जमीर मर गया या इस सरकार के कारनामे के सामने घूटना टेक दिये? मानते है हमे पार्टी सिम्बल दिया इसलिये विधायक है। पार्टी संविधान अन्याय और अव्यवस्था के विरूध बोलने से तो नही रोकता है। हम जन प्रतिनिधि भी तो हैं उस रोल से कैसे अन्याय कर सकते हैं।
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वैसे मंत्री जो जनता के द्वारा नही चुने प्रतिनिधि है। वो विधायको द्वारा चुने सरकार के mlc हैं। मुख्यमंत्री जी के मित्र हैं।
मुख्यमंत्री जी का विशेषाधिकार है जिसे मन हो मंत्री बना दे।
अब बताईये जल संसाधन मंत्री अभी बांध का निरक्षन हवाई मार्ग से करते है। समझ मे नही आता बांध मे आये सरान्ध को हवाई मार्ग से कैसे देखते होंगे। आप सडक मार्ग से निरीक्षण करे या हवाई मार्ग से हमे क्या?
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रसियारी से माननीय का खास प्रेम रहा है दरभंगा आते है तो रसियारी जरुर जाते हैं।जिला मे विभागीय सचिव के साथ राज्य स्तरीय विभागीय पदाधिकारी के साथ स्थानिय अभीयन्ता का अमला के साथ मिटिंग करते हैं।
स्थानिय जन प्रतिनिधि मतलब mla mlc को पहली बार इस तरह के बैठक से अलग रखते हैं।
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जबकी अपने विधानसभा का सही तस्वीर हम दे सकते हैं।मतलब विधायक अपने अपने क्षेत्र का बान्ध की स्थिति को जानते हैं क्युकी वो जन प्रतिनीधी हैं।
जनता अपनी समस्या से हमे अबगत कराते रहते है।
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अब जठमलपुर से बिलासपुर तक जगह बान्ध के बिच से अस्थायी रास्ता बान्ध को काट लोग बना लेते हैं।
क्या वो रास्ता बंद हो गया?
हयाघाट से हथौरी खरारी उच्च स्तरीय बान्ध निर्माण चल रहा है।
उसका प्रगती रिपोर्ट लिये क्या?
श्रीमान वर्षा तो होगी ही हजारो करोड़ का काम जठमलपुर से बिलासपुर काम हो गया, समय हो तो उसके स्थिति से अवगत हो जाये।
आज उसमे कितना और खर्च करने की जरुरत होगी पता चल जायेगा ?
हायाघाट से खरारी होते हुये खगरिया होते संभव तह मराण्ची तक कार्य हो रहा है।
संभव हो तो बरसात से पहले किये कार्य का मूल्यांकन करवाले।ऐसा न हो बरसात के बाद बर्षा मे मिट्टी बह गया इसलिये कार्य को सही से जांचा नही जा सकता ऐसा विभाग बोल दे।
श्रीमान नया टोला बाढ के कटाव से कितना घर जमीन दोज हो गया विभाग मे लिखते लिखते थक गये। कटाव निरोधक कार्य नही हुआ। बैठक मे होते तो वो कार्य आपके दृस्टी गोचर करबाते।
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श्रीमान हम आपके बैठक मे होते तो उन्हे क्या करना है क्या तय हुआ वो किया या नही उसकी सूचना तो आपको देते।
चलिये आप अपने और विभाग के बिच किसी को नही रखना चाहते हैं, अच्छी बात है कही आपके विभाग के अधिकारी माननीय के निगरानी से असहज हो जाते। अच्छा है,चुने हुये प्रतिनिधि आराम करे और मनोनीत प्रतिनिधि घूम घूम कर काम करे।
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श्री गामी ने अंत मे यह भी लिखा कि मेरे बोलने से मंत्री संजय झा के फ्लोवर व समर्थक को मेरी बातों से दुख होगा माफ करेंगे। उन्होंने कहा कि दुख की चिंता करेंगे तो जनता के साथ अन्याय हो जायेगा जो हम नही कर सकते। आपको बता दें कि अमरनाथ गामी दलगत या दल से बाहर निकल कर अपनी बेबाक़ अंदाज से विचारों को रखने के लिए जाने जाते हैं। सोशल साइट्स पर सक्रिय रहने वाले विधायक अमरनाथ गामी को इसी बेबाक़ के कारण मुख्यमंत्री ने प्रश्न एवँ ध्यानाकर्षण समिति के सभापति से हटा दिया था।

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